दुधारु पशुओं में आयरन की कमी कैसे पहचानें, दूध में कमी के छिपे हुए कारण जानें

iron deficiency in dairy animals

दुधारु पशुओं में आयरन (लौह) की कमी बहुत घातक है । अक्सर पशुपालक इस पर ध्यान नही देते और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है । इसलिए सावधान रहें और अपने बाड़े के पशुओं में किसी भी हालत में आयरन की कमी न होने दें। आयरन न सिर्फ ताकत है बल्कि पशुपालन में मुनाफे का आधार भी है।


आयरन की कमी आखिर होती क्यों है ?

इसकी पहली वजह है परजीवी संक्रमण (Parasitic Infestation) जिसमें पेट के कीड़े (internal parasites) और खून चूसने वाले बाहरी कीड़े (external parasites) भी शामिल हैं । ये खून चूसकर शरीर से आयरन कम कर देते हैं। दूसरा है, लगातार खून की कमी (Chronic Blood Loss) जैसे – लंबे समय तक दस्त (diarrhea), पेट के अल्सर (ulcers) या अन्य आंतरिक रक्त बहाव के कारण आयरन की कमी हो जाती है। आयरन की कमी आहार में खनिज असंतुलन (Mineral Imbalance) की वजह से भी हो सकती है । अगर पशु कुपोषण (Malnutrition)का शिकार है तो उसके आहार में पोषक तत्वों की कमी आयरन की कमी को पूरा नहीं कर पाती।


आयरन की कमी के कितने खतरनाक असर हैं ?

इसमें सबसे आम है एनीमिया (Anaemia) होना जिसमें खून की कमी होती है और मसूड़े पीले या सफेद दिख सकते हैं। इतना ही नहीं दुधारु पशुओं में दूध उत्पादन घट जाता है जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। लौह तत्व की कमी से विशेषकर बछड़ों का कमजोर विकास होता है । पशु हमेशा सुस्ती और कमजोरी की हालत में रहता है और खाना-पीना पसंद नहीं करता या फिर थोड़ी सी मेहनत पर हांफने लगते हैं। इससे मादा पशु समय पर गर्मी में नहीं आती और गर्भधारण मुश्किल होता है। कई बार गर्भपात भी हो जाता है ।


इसे कैसे रोकें, क्या करें-क्या न करें ?

सबसे पहले दूध देने वाले पशु के आहार में उचित खनिज मिश्रण (mineral mixture) शामिल करें। पशुओं को खुलकर चरने दें ताकि वो प्राकृतिक रूप से जमीन से आयरन और अन्य खनिज प्राप्त कर सकें। उन्हें नियमित रूप से पेट के कीड़ों (deworming) के लिए दवा दें। जरूरी समझें तो पशु चिकित्सक की सलाह से आयरन सप्लीमेंट दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें और परजीवियों के हमलों पर नजर रखें ।


क्या इतना जरूरी है आयरन ?

जी हां, दरअसल मैंगनीज, तांबा और जिंक के साथ, आयरन एक ज़रूरी ट्रेस मेटल है जो जानवरों में विकास, स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म में मदद करता है। यह एंटीबायोटिक उत्पादन में भी मदद करता है। आयरन ज़्यादातर खाद्य पदार्थों में मौजूद होता है, खासकर हरे पत्तेदार चारे और बरसीम में, साथ ही मांस में भी। पशु को भले ही कम मात्रा में आयरन चाहिए लेकिन इसकी कमी से कई बीमारियाँ हो सकती हैं।


एक पशु के शरीर में होता कहां है आयरन ?

ज़्यादातर आयरन दो जगहों पर जमा होता है। पहला है हीमोग्लोबिन, जो लाल रक्त कोशिका में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है जो फेफड़ों से शरीर के सभी टिशू तक ऑक्सीजन पहुँचाता है। दूसरा है मायोग्लोबिन, जो मांसपेशियों की कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है और ज़रूरत के हिसाब से ऑक्सीजन को जमा (store) और वितरित (distribute) करता है।


आपका पशु भी कम दूध दे रहा है ?

दूध उत्पादन में कमी का एक बड़ा और छिपा हुआ कारण आयरन की कमी भी है । ये कमी खून चूसने वाले कीड़ों के काटने से भी होती है, जो ज़रूरी पोषक तत्व निकाल लेते हैं। खून में हीमोग्लोबिन बनने के लिए आयरन ज़रूरी है, इसलिए बार-बार काटने से जानवरों में आयरन की कमी हो जाती है जिससे एनीमिया हो सकता है। दूध देने वाले जानवरों में हीमोग्लोबिन की मात्रा 100 ML खून में 7 से 14 ग्राम होनी चाहिए।


HEMLIV+ के साथ एनीमिया को जड़ से खत्म करें

चारे से न मिलने वाले मिनरल्स की कमी को लिक्विड आयरन से भरपूर सप्लीमेंट्स से आसानी से पूरा किया जा सकता है। Refit Animal Care का प्रोडक्ट HEMLIV+ आयरन वाला एक पशु चिकित्सा लिवर टॉनिक है। यह एनीमिया, रुकी हुई ग्रोथ, रिकेट्स, ऑस्टियोकैल्सिन, मिल्क फीवर वगैरह में फायदेमंद है। अच्छी क्वालिटी के विटामिन और मिनरल्स से बना यह टॉनिक एनीमिया में हीमोग्लोबिन लेवल को ठीक करने में भी असरदार है। ये प्रेग्नेंट जानवरों के लिए सुरक्षित है।

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