
आज के बछड़े कल का मुनाफा हैं, इन्हें दस्त की जानलेवा दहशत से बचाएं !
बछड़ों में दस्त ज़्यादातर संक्रमण (Infection in calves ), पर्यावरण और पोषण संबंधी तनाव आदि के कारण होते हैं। कई इन्फेक्शन, वायरल और बैक्टीरियल दस्त का कारण बन सकते हैं।

बछड़ों में दस्त ज़्यादातर संक्रमण (Infection in calves ), पर्यावरण और पोषण संबंधी तनाव आदि के कारण होते हैं। कई इन्फेक्शन, वायरल और बैक्टीरियल दस्त का कारण बन सकते हैं।

दुधारु पशुओं में आयरन (लौह) की कमी बहुत घातक है । अक्सर पशुपालक इस पर ध्यान नही देते और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है । इसलिए सावधान रहें और अपने बाड़े के पशुओं में किसी भी हालत में आयरन की कमी न होने दें। आयरन न सिर्फ ताकत है बल्कि पशुपालन में मुनाफे का आधार भी है ।

कई बार जानकारी की कमी या फिर लापरवाही की वजह से पशुपालकों को अपने दुधारु पशुओं से हाथ धोना पड़ जाता है । कई बीमारियां ऐसी हैं जो चुपके से दाखिल होती हैं और इलाज न होने पर बड़े जोखिम का सबब बन जाती हैं ।

अब पशुपालन से जुड़े किसानों को पशुओं में होने वाले रोगों से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है । अब पशु के लक्षण देखकर सेहत से जुड़ी समस्या की पहचान आसान हो गई है।

हाल ही में राजस्थान के करीब 5 लाख दुग्ध उत्पादक पशुपालकों के खातों में एक साथ सात महीने की अनुदान राशि का भुगतान करने के साथ ही मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना फिर चर्चा में आ गई है ।


बारिश के मौसम में दुधारु पशुओं की देखभाल करना चुनौतीपूर्ण किंतु बेहद जरूरी होता है क्योंकि यह मौसम नमी, कीचड़ और रोगजनकों के कारण कई बीमारियों को जन्म दे सकता है। इस Blog में जानिये कि बारिश के दिनों में…


