गरीब की गाय कही जाने वाली ‘बकरी’ आज भी अधिकांश ग्रामीणों की आजीविका का साधन है । हिमाचल प्रदेश में बकरीपालन (goat farming in Himachal Pradesh) का पारंपरिक व्यवसाय ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर देता है और दूध-मांस उत्पादन को बढ़ावा देता है। प्रदेश सरकार किसान भाइयों के लिए जो योजनाएं चला रही है उनमें से कृषक बकरी पालन योजना 2024-25 (Krishak Bakri Palan Yojana 2024 -25) काफी फायदे वाली स्कीम है । है। यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों, भूमिहीन मजदूरों और घुमंतू समुदायों के लिए बनाई गई है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आर्थिक लाभ को बढ़ाना है ताकि वो आत्मनिर्भर बन सकें । पूरी जानकारी के लिए इस Blog को पूरा पढ़ें ।
क्या है उद्देश्य ?
- हिमाचल प्रदेश के गरीब किसानों को बकरीपालन के माध्यम से आय का टिकाऊ स्रोत उपलब्ध करवाना
- योजना के तहत बकरीपालन में लगे लोगों को आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जाती है ताकि उन पर आर्थिक बोझ न पड़े
- बकरियों की विभिन्न नस्लों (बीटल, सिरोही, जमनापारी और वाइट हिमालयन इत्यादि ) को पालने के लिए प्रोत्साहन देना
- यह योजना हाशिये पर पड़े समुदायों को सशक्त करने के लिए बनी है ताकि उनकी आर्थिक-सामाजिक भागीदारी बढ़े
कितनी है सब्सिडी ?
- बकरीपालन के लिए सरकार की ओर से लोन पर सब्सिडी (subsidy) दी जाएगी
- इसके तहत 5 लाख रुपए लेकर 50 लाख रुपए तक का लोन (loan) दिया जाता है
- इसी लोन पर सरकार किसानों को सब्सिडी (subsidy) का लाभ भी प्रदान करती है
- Bakri Palan Yojana के तहत किसानों को 50 से 60 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है
- 5 लाख रुपए का कर्ज लेंगे तो इस पर अधिकतम 3 लाख रुपए की सब्सिडी मिलेगी
- लाभार्थियों के लिए सब्सिडी (subsidy) की व्यवस्था यूनिटों में प्रदान की जाती है
- इसमें 11 बकरियों (10 मादा + 1 नर), 5 बकरियों (4 मादा + 1 नर) और 3 बकरियों (2 मादा + 1 नर) जैसी यूनिट्स शामिल हैं ।
कौन कर सकता है आवेदन ?
- Himachal farmer goat farming scheme सभी वर्गों के लिए है जिनमें अनुसूचित जाति/जनजाति, बीपीएल और महिलाएं भी शामिल हैं
- इसके अलावा, आवेदकों को बकरी पालन के कौशल में प्रशिक्षण अनिवार्य है, जो संबंधित वरिष्ठ पशु चिकित्सक द्वारा प्रदान किया जाएगा
- Bakri Palan Scheme के लिए बेरोजगार अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाएं और सामान्य वर्ग के आवेदक को प्राथमिकता मिलेगी
- ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है या ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं है
- Farmer goat rearing scheme 2024 में ऐसे किसानों को भी प्राथमिकता मिलेगी जिन्होंने खुद से या मनरेगा के तहत बकरी शेड बनवा रखे हैं
कौन-कौन से कागज चाहिए ?
- आधार/पैन कार्ड, मोबाइल नंबर
- बैंक खाता विवरण (आधार से लिंक)
- आय/मूल स्थान प्रमाण पत्र
- बेरोजगारी/बीपीएल प्रमाण पत्र
- बकरी पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि एससी/एसटी हैं)
- 2 पासपोर्ट साइज फोटो, इत्यादि ।
क्या है आवेदन की प्रक्रिया ?
- ऑनलाइन अप्लाई- https://hpahdbt.hp.gov.in/Home/krishk_bakri_pala_yojna
- आगे बढ़ने से पहले इस पेज पर योजना के बारे में दी गई सारी जानकारी पढ़ लें
- पढ़ने के बाद ‘टर्म्स एंड कंडीशन’ के बॉक्स पर क्लिक करके ‘अप्लाई’ बटन दबाएं
- अब जो नया पेज खुलेगा उसमें योजना से जुड़ा पूरा आवेदन फार्म दिखाई देगा
- यहां मांगी गई सभी जानकारी ध्यान से भरें और ‘सबमिट’ पर क्लिक कर दें
- आवेदन के बाद दस्तावेजों का सत्यापन होगा और सब्सिडी के लिए चुना जाएगा
- चयन के बाद पशु चिकित्सक बकरी यूनिट्स की सेहत देखकर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे
- ध्यान रखें, लाभार्थियों का चयन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर होगा
अगर योजना से संबंधित कोई प्रश्न है या कोई अतिरिक्त जानकारी चाहते हैं तो पशुपालन विभाग, हिमाचल प्रदेश का हेल्पडेस्क ईमेल है – dir-ah-hp@nic.in और हेल्पलाइन नंबर है –
0177-2830089, 0177-2633543, 18001808006.
बकरियों का वजन बढ़ाने (Goat weight gain supplement) के एक खास कारगर फॉर्मूले पर आधारित है Refit Animal Care का सप्लीमेंट SUPER MASS । ये बकरी/भेड़ को अतिरिक्त पोषण प्रदान करता है, मांसपेशियों में सुधार करते हुए वजन बढ़ाता है उनमें उर्जा का संतुलन बनाकर रखता है । इसका इस्तेमाल भी बहुत आसान सा है ।







Bakri yojana
Mujhe 25-30 bakri palana hai
Nice work
mujhe 50 Bakri se business shuru karna hai kripya karke meri madad Karen dhanyvad