पशुपालकों के लिए प्रीमियम-फ्री बीमा का मौका, ऐसे उठाएं फायदा

पशुपालन में पशुओं का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा पशुपालकों के लिए एक बड़ी चुनौती की तरह हैं क्योंकि पशुओं के ठीक-ठाक रहने से ही व्यवसाय भी मुनाफा देता रहता है । इस काम में बीमा बड़ी मदद करता है। केंद्र के साथ ही कई राज्य सरकारें अपने पशुपालकों को गाय,भैंस, बकरी, भेड़ इत्यादि के लिए कम प्रीमियम पर या कभी-कभार मुफ्त में बीमा कवर (Free insurance cover for animals) देती हैं । इससे पशु की अकाल मृत्यु या किसी अन्य आपदा से हुए नुकसान की भरपाई हो सके। इनमें हरियाणा सरकार की ‘पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना’ प्रमुख हैं । अब तक 3 लाख से अधिक पशुपालकों को 42 करोड़ रुपये से अधिक का बीमा क्लेम (Insurance claims to livestock owners) मिल चुका है । इस Blog  से पूरी जानकारी हासिल करते हैं ।

 

बीमा योजना क्या है ?

2019 से लागू Haryana Pandit Deen Dayal Upadhyaya Group Livestock Insurance Scheme 2025-26  राज्य के पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा सिर्फ हरियाणा के पशुपालकों के लिए चलाई जा रही है। पशुपालकों को अपने पशुओं के खोने या मृत्यु के मामलों में वित्तीय सहायता प्राप्त होती है। बीमा की अधिकतम सीमा 1,25,000 रुपए (बड़े पशु) और 5,000 रुपए (छोटे पशु) है। साथ ही इस योजना के अंतर्गत परिवार के अधिकतम 5 बड़े पशु या 50 छोटे पशु के लिए ही कवर मिलेगा। कवर किए जाने वाले पशु हैं: गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर, बोझा ढोने वाले पशु और ऊँट। दावा प्रक्रिया में  टैग (कान का) लगने के बाद बीमा कंपनी को सूचित करना और कागजात जमा करना होता है ताकि पशु हानि पर दावा राशि (Claim amount on animal loss) मिल सके।

 

बीमे के लिए प्रीमियम क्या है ?

Hariyana pandit deen dayal upadhyaya samoohik pashudhan beema yojana में एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) पशुपालकों के लिए बड़े पशु जैसे-गाय, भैंस इत्यादि की दूध उत्पादकता और स्वास्थ्य सिथति के अनुलार प्रीमियम राशि 100 से 300 रुपये प्रति पशु प्रति वर्ष होती है । वहीं छोटे पशु जैसे भेड़, बकरी और सुअर के लिए प्रीमियम राशि 25 रुपये प्रति पशु प्रति वर्ष होती है । खास बात है कि राज्य के अनुसूचित जाति-जनजाति और बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) वर्ग के लिए इस योजना प्रीमियम-फ्री (Premium-Free Livestock Insurance) रखा गया है । 50% प्रीमियम भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जबकि शेष 50% राज्य सरकार और लाभार्थियों द्वारा 50:50 के अनुपात में वहन किया जाता है।

 

कौन से दस्तावेज जरूरी ?

आधार कार्ड,पहचान पत्र ( मतदाता पहचान पत्र या राशन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस), बैंक खाते की कॉपी, पशुधन का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति व बीपीएल प्रमाण पत्र (लागू होने पर) , पशुधन विवरण इत्यादि से संबंधित दस्तावेज देना अनिवार्य है।

 

बीमे के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या है?

saralharyana.gov.in पोर्टल, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), या ई-दिशा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन में सबसे पहले पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा फिर इससे मिले लॉगिन आईडी और पासवर्ड से दोबारा पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। सारी जानकारी पोर्टल पर दर्ज़ करते हुए आवेदन पत्र को सबमिट कर देना होगा। यह आवेदन पत्र सम्बंधित अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जायेगा और मंजूरी मिलने के बाद आवेदक को सूचित कर दिया जायेगा। आवेदन से जुड़ीसहायता के लिए अंत्योदय सरल हेल्पलाइन 0172-3968400 पर संपर्क करें। योजना की अधिक जानकारी के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा की वेबसाइट https://pashudhanharyana.gov.in/ पर जाएं। आप चाहें तो हेल्पलाइन नंबर – 0172-2574663/64 या 0172-2586837 से भी संपर्क कर सकते हैं । ईमेल आईडी है –  dg.ahd@hry.nic.in

Refit Animal Care  के प्रोडक्ट्स दूध उत्पादन में पशुपालकों के मददगार सिद्ध हो सकते हैं । इनमें सबसे खास है  DOODH YODHA, जो दुधारू गाय, भैंस, बकरी, भेड़ की दूध देने की क्षमता को सुधारता और बढ़ाता है । यह दूध में वसा (fat) प्रतिशत और एसएनएफ (solids-not-fat) दर बढ़ाता है। पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता और दुग्ध उत्पादन से जुड़े हमारे कई उत्पाद पशुपालकों के लिए लाभदायक हैं।

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