पशुपालन की सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी

pashupalan scheme

भारत सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है. इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार करना, पशुपालन उत्पादों के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देना है।

कुछ प्रमुख सरकारी पशुपालन योजनाएं इस प्रकार हैं:

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना एक केंद्र सरकार की योजना है जो पशुपालकों को पशुओं की खरीद, चारा, पशु आवास, पशु चिकित्सा सेवाओं आदि के लिए ऋण प्रदान करती है. ऋण की राशि पशुपालक के आय के आधार पर तय की जाती है. ऋण की ब्याज दर भी कम होती है. ऋण का भुगतान 5 साल की अवधि में किया जा सकता है. यह योजना पशुपालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करके पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए शुरू की गई है।

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लाभ:

    • पशुपालकों को पशुओं की खरीद, चारा, पशु आवास, पशु चिकित्सा सेवाओं आदि के लिए ऋण प्रदान किया जाता है।
    • ऋण की राशि पशुपालक के आय के आधार पर तय की जाती है।
    • ऋण की ब्याज दर भी कम होती है।
    • ऋण का भुगतान 5 साल की अवधि में किया जा सकता है।

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए पात्रता:

    • पशुपालक भारत का नागरिक होना चाहिए।
    • पशुपालक का बैंक खाता होना चाहिए।
    • पशुपालक के पास कम से कम 2 पशु होने चाहिए।

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए आवेदन:

    • पशुपालक को अपने नजदीकी बैंक या CSC सेंटर में जाकर आवेदन करना होगा।
    • आवेदन के साथ कुछ दस्तावेज भी जमा करने होंगे, जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, पशुधन पंजीकरण प्रमाण पत्र, मवेशी का हेल्थ सर्टिफिकेट, बैंक अकाउंट, जमीन के कागजात व पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत पड़ेगी।

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना एक महत्वपूर्ण योजना है जो पशुपालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करके पशुपालन को बढ़ावा देती है और पशुपालकों की आय बढ़ाती है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना

राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) भारत सरकार की एक योजना है जो पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए शुरू की गई है. इस योजना के तहत पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है. इस योजना के तहत पशुपालकों को पशुओं के टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं, पशु आवास, चारा आदि के लिए सहायता प्रदान की जाती है।

एनएलएम के मुख्य उद्देश्य हैं:

    • पशुपालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
    • पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण में सुधार करना।
    • पशुपालन उत्पादों के उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देना।
    • ग्रामीण विकास में योगदान करना।

एनएलएम के तहत प्रदान की जाने वाली मुख्य सुविधाएं हैं:

    • पशुओं की खरीद के लिए ऋण।
    • पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सहायता।
    • पशुपालन उत्पादों के उत्पादन और विपणन के लिए सहायता।
    • ग्रामीण विकास के लिए सहायता।

एनएलएम के तहत लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा. उदाहरण के लिए, एनएलएम के तहत पशुओं की खरीद के लिए ऋण प्राप्त करने के लिए पशुपालक का भारत का नागरिक होना चाहिए और उसके पास कम से कम 2 पशु होने चाहिए।

राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम

राष्ट्रीय डेयरी विकास योजना (एनपीडीडी) भारत सरकार की एक योजना है जो डेयरी किसानों को दूध उत्पादन और विपणन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है. इस योजना के तहत डेयरी किसानों को दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, दूध संग्रहण और प्रसंस्करण सुविधाओं के विकास, दूध विपणन आदि के लिए सहायता प्रदान की जाती है।

एनपीडीडी के मुख्य उद्देश्य हैं:

    • डेयरी किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
    • दूध उत्पादन को बढ़ावा देना।
    • दूध की गुणवत्ता में सुधार करना।
    • दूध के विपणन को बढ़ावा देना।
    • ग्रामीण विकास में योगदान करना।

एनपीडीडी के तहत प्रदान की जाने वाली मुख्य सुविधाएं हैं:

    • पशुओं के प्रजनन के लिए सहायता।
    • चारा उत्पादन के लिए सहायता।
    • दूध संग्रहण और प्रसंस्करण के लिए सहायता।
    • दूध विपणन के लिए सहायता।
    • ग्रामीण विकास के लिए सहायता।

एनपीडीडी के तहत लाभ उठाने के लिए डेयरी किसानों को संबंधित विभाग में आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ कुछ ज़रूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे।

इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को संबंधित विभाग में आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ कुछ दस्तावेज भी जमा करने होंगे, जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता विवरण, पशुधन पंजीकरण प्रमाण पत्र आदि।

इन योजनाओं का लाभ उठाकर पशुपालक अपनी आय बढ़ा सकते हैं और अपने जीवन स्तर में सुधार कर सकते हैं।

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