दुधारू पशुओं में थनैला रोग (Mastitis) के लक्षण और उपचार

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थनेला रोग जिसे स्तनशोथ या Mastitis भी कहते हैं, दुधारू पशुओं में होने वाला एक आम रोग है, जो स्तन के अंदरुनी भाग में होती है। जिसमें स्तन के ऊतकों में सूजन और जलन दिखाई देती है। यह रोग ज्यादातर गायों, भैंसों, और भेड़-बकरियों में होता है। यह पशुओं की दुध उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती है और इससे पशु की सेहत भी प्रभावित हो सकती है। इस गाइड में, हम Mastitis Prolapse के कारण, लक्षण, उपचार, और बचाव के बारे में चर्चा करेंगे।

थनैला रोग क्या है?

थनैला रोग एक स्तन की अंदरूनी भाग में होने वाली संक्रमण है, जो दुधारू पशुओं में देखा जाता है। इस समस्या के कारण स्तन में सूजन, जलन, और गरमाहट की समस्या होती है, जिससे दुध उत्पादन में भी कमी हो सकती है। थनैला रोग से प्रभावित पशु को जल्द से जल्द उपचार करना आवश्यक होता है ताकि उसका उत्पादन और सेहत बनी रह सके.

थनैला रोग के कारण

  • पशुओं के बीच संवाद के माध्यम से यह रोग फैलता है।
  • थनैला संक्रमण जंग और अनुचित देखभाल के कारण हो सकता है।
  • स्तन को ठीक से साफ ना रखना, अशुद्ध पानी का उपयोग, और गंदे दूध के कारण भी स्तनशोथ हो सकती है।

थनैला रोग के लक्षण

  • स्तन के दूधारू भाग में सूजन और गर्माहट का अनुभव होता है।
  • दूध का रंग बदल जाता है और इसमें से सूजन युक्त पानी की निकलने की समस्या होती है।
  • स्तन में दर्द और जलन महसूस होती है।
  • गाय या भैंस के स्तन पानी से भर जाते हैं, जिससे दूध की उत्पादन में कमी हो सकती है।
  • थकान और असहजता की समस्या हो सकती है।

थनैला रोग का उपचार

  • संक्रमित पशु को तुरंत अलग करके उसे साफ और सूखे जगह पर रखें।
  • वेटरिनरी चिकित्सक से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार दवाइयां दें।
  • विशेष दवाइयों या उपचारों के इस्तेमाल से इस रोग का इलाज किया जा सकता है।
  • पशु के स्तन की सफाई का ध्यान रखें और उसे स्वच्छ और सूखे रखें।
  • पशु को उचित आहार और पानी प्रदान करें, जिससे उसकी प्रतिरक्षा शक्ति मजबूत रहे।

थनैला रोग से बचाव

  • स्तन की सफाई को ध्यान से करें और उसे स्वच्छ रखें।
  • पशु को स्वच्छ पानी का सेवन कराएं और उसे स्वच्छ और सूखे जगहों पर रखें।
  • पशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और उन्हें आवश्यक खाद्य पदार्थों का सेवन कराएं।
  • संक्रमित पशु को तुरंत अलग करके उसे उचित उपचार देने के लिए वेटरिनरी चिकित्सक से संपर्क करें।

थनैला रोग से बचाव के लिये दुधारु पशु के दूध की जाँच समय पर करवा कर जीवाणुनाशक औषधियों द्वारा उपचार पशु चिकित्सक की निगरानी में करवाना चाहिए। उपचार को पूर्ण करना अत्यन्त आवश्यक है इसे बीच में न छोडें। थनैला के उपचार के तौर पर रीफ़िट ऐनिमल केयर कंपनी का R-Kit Supplement है जो 3 दिन का किट है, इसके अलावा mastitis के उपचार हेतु R.M.S. LIQ. टानिक भी है जिसे पशु चिकित्सक के निर्देश के अनुसार पिला सकते हैं. Refit Animal Care कम्पनी का सबसे कारगर फार्मूला Mastioff powder है जो थनेला के उपचार के लिए उपयोगी है. 

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